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बरनवाल महिला समिति नवादा की सराहनीय पहल, कन्या विवाह में दिया सहयोग

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  बरनवाल महिला समिति नवादा की सराहनीय पहल, कन्या विवाह में दिया सहयोग नवादा। बरनवाल महिला समिति, नवादा द्वारा एक अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक पहल की गई है। समिति की मातृशक्ति ने मिलकर एक जरूरतमंद कन्या के विवाह के लिए ₹8200 की सहयोग राशि एकत्रित की , साथ ही विवाह से संबंधित आवश्यक साजो-सामान भी उपहार स्वरूप भेंट किया। इस पुनीत कार्य से न केवल एक परिवार को सहारा मिला, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग का एक सुंदर संदेश भी गया। समिति की महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि जब नारी शक्ति एकजुट होती है, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए समिति की महिलाओं को धन्यवाद दिया और उनके इस कार्य को समाज के लिए एक प्रेरणा बताया। 👉 यह पहल समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और एकता का जीवंत उदाहरण है। 🙏 “नारी तू नारायणी” – इस भाव को साकार करती हुई यह पहल हर किसी के लिए प्रेरणादायक है।

#मनोज_कुमार_बरनवाल #जमशेदपुर समिति के #अध्यक्ष चुने गये।

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 #मनोज_कुमार_बरनवाल #जमशेदपुर समिति के #अध्यक्ष चुने गये। बरनवाल मोदी सेवा समिति की चुनावी बैठक आज संध्या 7 बजे जुगसलाई पार्क में हुई । इस हेतु चुनाव पदाधिकारी प्रदेश उपाध्यक्ष श्री नवलकिशोर बरनवाल जी थे। बैठक में गोपाल कुमार जी ने वर्तमान अध्यक्ष मनोज कुमार बरनवाल जी के कार्यों की सराहना की एवं उन्हें पुनः एक बार अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे उपस्थित सभी सदस्यों ने समर्थन किया एवं पुनः मनोज कुमार बरनवाल समिति के अध्यक्ष चुने गये। अध्यक्ष मनोज कुमार बरनवाल ने पिछले 3 वर्ष के अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को बताया जिसमें प्रतिभाशाली एवं जरूरतमंद छात्र को प्रोत्साहन राशि,चिकित्सा हेतु सहयोग एवं मकदमपुर राम मंदिर में वाटर कूलर फिल्टर लगाना शामिल है। महामंत्री राजकुमार जी एवं कोषाध्यक्ष मुरारीलाल बरनवाल जी ने भी 3 वर्ष की उपलब्धियों को विस्तार से बताया। इस चुनावी बैठक में मेरे अलावा नवीन जी,नवलकिशोर जी,भरत जी,कन्हैया जी,दीपक जी(जुगसलाई),जितेन्द्र जी,गोपाल जी(जुगसलाई),सुनील जी(सोपोडेरा),दीपक जी(बारीडीह),गोपाल जी(हरहरगुट्ट),राजकुमार जी,मुरारीलाल जी,उमेश जी,सुनील जी(सोनारी) उपस्थित थे ...

श्री सच्चिदानंद बरनवाल जी का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण

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 🙏 भावपूर्ण श्रद्धांजलि 🙏  स्वर्गीय श्री सच्चिदानंद बरनवाल जी का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण रहा है। उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाज और क्षेत्र के विकास के लिए निःस्वार्थ भाव से कार्य किया। पूर्व प्रधान के रूप में उन्होंने शिक्षा के प्रसार, सामाजिक एकता, जरूरतमंदों की सहायता और क्षेत्र के समग्र विकास में जो योगदान दिया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका सरल स्वभाव, नेक विचार और समाज के प्रति उनकी निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज उनके नवमी पुण्यतिथि के अवसर पर हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी पवित्र आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। 🙏 आपकी यादें और आपके संस्कार सदैव हमारे दिलों में जीवित रहेंगे।

संपादकीय: परीक्षा- डर नहीं, आत्मविश्वास की परीक्षा

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  संपादकीय: परीक्षा- डर नहीं, आत्मविश्वास की परीक्षा परीक्षा का समय आते ही बच्चों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई देने लगती है। किसी को सिलेबस पूरा न होने का डर सताता है, किसी को समय की कमी परेशान करती है, तो किसी पर अपेक्षाओं का बोझ भारी पड़ता है। लेकिन यह समझना आवश्यक है कि परीक्षा केवल उत्तर लिखने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह धैर्य, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास की भी परीक्षा होती है। हर बच्चा अपने-अपने तरीके से संघर्ष करता है-कोई आर्थिक तंगी से, कोई संसाधनों की कमी से, तो कोई अपने भीतर के डर से लड़ता रहता है। ऐसे समय में सबसे ज़रूरी है कि बच्चे स्वयं पर भरोसा रखें। जो पढ़ा है, वही काम आएगा-इसलिए आख़िरी दिनों में घबराकर नई किताबें उठाने के बजाय पढ़ी हुई सामग्री का शांत मन से दोहराव करें। रोज़ थोड़ा-थोड़ा पढ़ना, छोटे लक्ष्य बनाना और उन्हें पूरा करना मन को स्थिर रखता है। याद रखें, पढ़ाई में निरंतरता अक्सर बड़े परिणाम लेकर आती है। कई बच्चे ऐसे भी होते हैं जो घर की कठिन परिस्थितियों, काम के दबाव या सीमित साधनों के बीच पढ़ाई करते हैं। उनका संघर्ष अक्सर दिखाई नहीं देता, लेकिन उनकी मेहन...

सुनील वर्णवाल ने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण

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 सुनील वर्णवाल ने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण दिनांक 8 दिसंबर 2025 को जमुई के महावीर वाटिका में आयोजित  जमुई चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव में अध्यक्ष पद पर विजयी हुए सुनील वर्णवाल ने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह में बिहार सरकार की माननीय मंत्री श्रेयसी सिंह, जमुई के अनुमंडल पदाधिकारी, तथा बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष उपस्थित रहे। इस अवसर पर चुनाव पदाधिकारी जयप्रकाश बरनवाल, अनिल बरनवाल, राजेश बरनवाल, दामोदर प्रसाद बरनवाल, ब्रजेश बरनवाल तथा अन्य सभी सम्मानित सदस्य और साथीगण भी मौजूद रहे। बरनवाल डायरेक्ट्री

Featured Research Presenter के रूप में चयनित होने पर डॉ अंजली बरनवाल को हार्दिक बधाई

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 #Duke_Cancer_Institute के 2025 Scientific Retreat में Featured Research Presenter के रूप में चयनित होने पर डॉ अंजली बरनवाल को हार्दिक बधाई। आपकी यह उपलब्धि पूरे बरनवाल समाज के लिए गर्व का क्षण है।  आप जैसी बेटियाँ समाज की प्रेरणा होती हैं और अन्य बेटियों में भी आगे बढ़ने का उत्साह जगाती हैं। #बरनवाल_डायरेक्ट्री परिवार आपकी सफलता पर बेहद प्रसन्न है और आपको उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देता है।

भारत के लोकतंत्र को झकझोर देने वाला एक नागरिक- अनूप बरनवाल

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 भारत के लोकतंत्र को झकझोर देने वाला एक नागरिक- अनूप बरनवाल अनूप बरनवाल का नाम मार्च 2023 में तब राष्ट्रीय चर्चा में आया, जब उनकी दाख़िल एक याचिका ने भारत के चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर देशव्यापी बहस खड़ी कर दी। यह मामला सिर्फ़ एक कानूनी तकनीकी मुद्दा नहीं था, बल्कि लोकतंत्र के उस मूल प्रश्न से जुड़ा था कि क्या चुनाव आयोग वास्तव में स्वतंत्र है, जब उसके शीर्ष पदों पर नियुक्ति करने की पूरी शक्ति कार्यपालिका के पास रहती है। उनकी याचिका ने संविधान के अनुच्छेद 324(2) में मौजूद उस खालीपन की ओर इशारा किया, जहाँ कहा तो गया था कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक कानून द्वारा तय होगी, लेकिन स्वतंत्रता के 75 वर्षों बाद भी वह कानून कभी बनाया ही नहीं गया। इस कानूनी शून्य का परिणाम यह था कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया के चुनाव आयुक्त नियुक्त कर देते थे। यही स्थिति चुनाव आयोग की निष्पक्षता के लिए सबसे बड़ा खतरा थी। अनूप बरनवाल ने एक सामान्य नागरिक होते हुए भी वह सवाल उठाया, जिसे उठाने की हिम्मत बड़े-बड़े राजनीतिक और संवैधानिक विशेषज्ञ भी नहीं दिखाते। उन्होंन...

बरनवाल समाज का बिहार चुनाव में हाल - गलती किसकी....गलत कौन......यह चिंतन का विषय

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 छोटी-बड़ी बहुत सारी चुनाव के परिणाम के बाद कि मन:स्थिति को नजदीक से महसूस किया।  अपने समाज के नेताजी की एक खासियत:- चुनाव जीत गये तो उसका श्रेय स्वजातीय बंधुओं (समाज) को नहीं देते लेकिन चुनाव हार जाते हैं तो वे यह कहते दिखाई देते हैं कि समाज के लोगों ने सपोर्ट ही नहीं किया!  आप सभी ऐसे शब्दों से,ऐसे लफ़्ज़ों को सुन चुके होंगे।  गुप्त मतदान की चुनावी प्रक्रिया में एक नेता का ऐसा दावा क्या विश्वसनीय है❓  एक उदाहरण से इसे समझना चाहिए -- किसी क्षेत्र में कुल मतदाता एक लाख है जिसमें बरनवाल मतदाताओं की संख्या बीस हजार। किसी बरनवाल नेता को कुल बत्तीस हजार मत प्राप्त हुए और वह हार जाता है।  नेताजी,अपनी हार का ठीकरा कैसे और कहां फोड़ते हैं, ये देखिए.... मुझे अपने स्वजातीय बंधुओं का सहयोग नहीं मिला, इसलिए मैं हार गया ।  बतलाइए कि नेताजी का यह कहना उचित है क्या कि समाज के लोगों ने उन्हें सपोर्ट ही नहीं किया ❓  जो वोट उन्हें मिली, क्या वे सारे के सारे गैर जातीय वोट ही थे.... इस दावे का आधार क्या❓ सभी मतदाताओं के द्वारा की गयी व्यक्तिगत मतदान की वीडियो रिकॉर्...

अहिबरन जयंती” का आयोजन बरनवाल भवन न्यास, पटना के द्वारा होगा

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 दिनांक 16 नवम्बर 2025 (रविवार) को बरनवाल भवन न्यास, पटना में कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक भवन के अध्यक्ष श्री विजय कुमार जी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य विषय “अहिबरन जयंती” का आयोजन था, जिसे इस वर्ष 26 दिसंबर 2025 को बरनवाल भवन, पटना में भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस बैठक में कार्यकारिणी सदस्यों के अतिरिक्त, पटना में सक्रिय विभिन्न समितियों के पदाधिकारी एवं समाज के अनेक गणमान्य सदस्यों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बुलाया गया था। बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य श्री अनिल कुमार (बबलू जी), श्री विवेक हर्ष, श्री संजय बरनवाल, श्री चितरंजन भारती, श्री अजय गोयल, डॉ. रंजीत कुमार, श्री रमेश प्रसाद (पटना सिटी), श्री लाला बाबू, श्रीमती कोमल बरनवाल, श्रीमती पुष्पा कुमारी, श्रीमती सुधा रानी, श्रीमती नीलम कुमारी, श्रीमती ज्योति कुमारी, श्रीमती ममता आर्य, श्रीमती पद्मा जी, श्रीमती प्रियंका राय, श्री शीतलकांत जी आदि। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय 1. अहिबरन जयंती का आयोजन 26 दिसंबर 2025 को बरनवाल भवन पटना में पूरे समाज की सहभागिता के साथ किया जाएगा। 2. इस कार्यक्रम का संपूर...

हृदयविदारक घटना- अमित कुमार बरनवाल (24 वर्ष) पुत्र अयोध्या बरनवाल,

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 हृदयविदारक घटना, बरनवाल समाज शोक में 🕯️  कानपुर, उत्तर प्रदेश गुरुवार की सुबह कानपुर के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में हुए दर्दनाक हादसे ने देवरिया जिले के तवक्कलपुर गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। एक ही कमरे में सो रहे चार युवकों की दम घुटने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे गांव और समाज को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार, अमित कुमार बरनवाल (24 वर्ष) पुत्र अयोध्या बरनवाल, संजू सिंह (24 वर्ष) पुत्र फतेह बहादुर सिंह, दाऊद अंसारी (25 वर्ष) पुत्र यासीन, राहुल सिंह (23 वर्ष) पुत्र लल्लन सिंह, सभी युवक कानपुर के पनकी आयल सीड्स कंपनी में वेल्डर का काम करते थे और फैक्ट्री के अंदर बने कमरे में साथ रहते थे। बुधवार की रात सभी ने खाना खाया और हमेशा की तरह सोने चले गए। सुबह जब काफी देर तक कोई नहीं उठा तो उनके साथी नागेंद्र ने आवाज लगाई, पर अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। दरवाजा तोड़ा गया तो चारों युवक मृत अवस्था में मिले, और कमरे में कोयले की जलती अंगीठी रखी हुई थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि अंगीठी के धुएं से दम घुटने के कारण यह दुखद घटना हुई। असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगा।...