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बरन बुद्धू के हसगुल्ले -

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  बरन बुद्धू के हसगुल्ले - बरनवाल डायरेक्ट्री, जून 2026 पत्रिका डाउनलोड लिंक -https://drive.google.com/file/d/1T08rPIW0DPUmAv5OkV-o3IoHCo8ottkF/view?usp=drive_link 10 साल के लिए सदस्य बनने हेतु संपर्क करें सम्पादक- दीपक बरनवाल, 093344 53602

"तुम्हारे घर वाले मुझसे इतना चिढ़ते क्यों हैं?"

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 "तुम्हारे घर वाले मुझसे इतना चिढ़ते क्यों हैं?" एक दिन मैंने पत्नी सुमन से नाराज होकर पूछा। सुमन कुछ देर चुप रही, फिर बोली, "पिताजी के जाने के बाद हमारे घर में सिर्फ माँ और हम चार बहनें थीं। घर में जो भी आदमी आया, वह सहारा देने नहीं, कुछ लेने आया। किसी की नजर गहनों पर थी, किसी की जमीन पर और किसी की हमारी मजबूरी पर।” मैं चुपचाप सुनता रहा। "मोहल्ले वाले, रिश्तेदार, परिचित, सबने किसी न किसी तरह फायदा उठाने की कोशिश की। कुछ लोगों ने माँ की दूसरी शादी तक की सलाह दी। लेकिन माँ ने सिर्फ अपनी बेटियों का भविष्य देखा और अकेले संघर्ष करती रहीं।” फिर उसने मेरी तरफ देखकर कहा, "आप बुरे नहीं हैं, लेकिन हमारे अनुभव अच्छे नहीं रहे। इसलिए भरोसा करने में समय लगता है।” उस दिन पहली बार मैंने उनकी नजर से खुद को देखा। मैं केवल दामाद नहीं था, एक पुरुष भी था, और उनके जीवन के अनुभवों ने उन्हें पुरुषों से सावधान रहना सिखाया था। उसके बाद मैंने शिकायत करना छोड़ दिया। मैंने अपनी जगह मांगने के बजाय उसे कमाने की कोशिश की। घर की जरूरतों में चुपचाप हाथ बंटाने लगा। बिना कहे मदद करने लगा। समय बी...

औरत और मर्द की जुगलबंदी “बहस बराबरी की ”

 जुगलबंदी “बहस बराबरी की ” पुरुष सुबह से शाम कमाता हूँ, तब घर का चूल्हा जलता है। इतनी मेहनत के बाद भी, तुम्हें मुझसे क्या खलता है।। महिला चूल्हा जलता होगा लेकिन, घर अपने आप नहीं चलता। कपड़ा, बर्तन, बच्चे, रिश्ते, इनमें भी दिन पूरा ढलता।। पुरुष अरे, तुम तो घर में रहती हो, इतना क्या थक जाती हो। दो रोटी ही तो बनानी है, बात बात पर चिल्लाती हो।। महिला वाह रे मालिक सोच तुम्हारी, घर को होटल समझ लिया। एक दिन खुद करके देखो, पता चलेगा क्या क्या किया।। पुरुष अब तो तुम भी नौकरी कर लो, यही रोज सुनता रहता हूँ। घर आकर भी ऑफिस जैसा, तनाव मैं ही सहता हूँ।। महिला क्यों ना करूँ मैं नौकरी, क्या सपने सिर्फ तुम्हारे हैं। तुम बाहर जाकर आदमी हो, हम घर में बेकार बेचारे हैं।। पुरुष मैंने कब तुमको रोका है, बस घर थोड़ा संभल जाए। बच्चे, माँ बाप, रिश्तेदारी, सबका ध्यान भी रह जाए।। महिला घर मेरा ही जिम्मा क्यों हो, तुम भी तो घर वाले हो। बच्चे केवल मेरे नहीं, उनके तुम भी पाले हो।। पुरुष ऑफिस से थक हार के आता, फिर भी चैन नहीं मिलता। तुम्हारा रोज का लेक्चर भी, ऊपर से अलग ही चलता।। महिला और हमारा क्या साहब, हम क्या ...

बरनवाल महिला समिति नवादा की सराहनीय पहल, कन्या विवाह में दिया सहयोग

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  बरनवाल महिला समिति नवादा की सराहनीय पहल, कन्या विवाह में दिया सहयोग नवादा। बरनवाल महिला समिति, नवादा द्वारा एक अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक पहल की गई है। समिति की मातृशक्ति ने मिलकर एक जरूरतमंद कन्या के विवाह के लिए ₹8200 की सहयोग राशि एकत्रित की , साथ ही विवाह से संबंधित आवश्यक साजो-सामान भी उपहार स्वरूप भेंट किया। इस पुनीत कार्य से न केवल एक परिवार को सहारा मिला, बल्कि समाज में सेवा और सहयोग का एक सुंदर संदेश भी गया। समिति की महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि जब नारी शक्ति एकजुट होती है, तो वह समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए समिति की महिलाओं को धन्यवाद दिया और उनके इस कार्य को समाज के लिए एक प्रेरणा बताया। 👉 यह पहल समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और एकता का जीवंत उदाहरण है। 🙏 “नारी तू नारायणी” – इस भाव को साकार करती हुई यह पहल हर किसी के लिए प्रेरणादायक है।

#मनोज_कुमार_बरनवाल #जमशेदपुर समिति के #अध्यक्ष चुने गये।

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 #मनोज_कुमार_बरनवाल #जमशेदपुर समिति के #अध्यक्ष चुने गये। बरनवाल मोदी सेवा समिति की चुनावी बैठक आज संध्या 7 बजे जुगसलाई पार्क में हुई । इस हेतु चुनाव पदाधिकारी प्रदेश उपाध्यक्ष श्री नवलकिशोर बरनवाल जी थे। बैठक में गोपाल कुमार जी ने वर्तमान अध्यक्ष मनोज कुमार बरनवाल जी के कार्यों की सराहना की एवं उन्हें पुनः एक बार अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे उपस्थित सभी सदस्यों ने समर्थन किया एवं पुनः मनोज कुमार बरनवाल समिति के अध्यक्ष चुने गये। अध्यक्ष मनोज कुमार बरनवाल ने पिछले 3 वर्ष के अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को बताया जिसमें प्रतिभाशाली एवं जरूरतमंद छात्र को प्रोत्साहन राशि,चिकित्सा हेतु सहयोग एवं मकदमपुर राम मंदिर में वाटर कूलर फिल्टर लगाना शामिल है। महामंत्री राजकुमार जी एवं कोषाध्यक्ष मुरारीलाल बरनवाल जी ने भी 3 वर्ष की उपलब्धियों को विस्तार से बताया। इस चुनावी बैठक में मेरे अलावा नवीन जी,नवलकिशोर जी,भरत जी,कन्हैया जी,दीपक जी(जुगसलाई),जितेन्द्र जी,गोपाल जी(जुगसलाई),सुनील जी(सोपोडेरा),दीपक जी(बारीडीह),गोपाल जी(हरहरगुट्ट),राजकुमार जी,मुरारीलाल जी,उमेश जी,सुनील जी(सोनारी) उपस्थित थे ...

श्री सच्चिदानंद बरनवाल जी का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण

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 🙏 भावपूर्ण श्रद्धांजलि 🙏  स्वर्गीय श्री सच्चिदानंद बरनवाल जी का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण रहा है। उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाज और क्षेत्र के विकास के लिए निःस्वार्थ भाव से कार्य किया। पूर्व प्रधान के रूप में उन्होंने शिक्षा के प्रसार, सामाजिक एकता, जरूरतमंदों की सहायता और क्षेत्र के समग्र विकास में जो योगदान दिया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका सरल स्वभाव, नेक विचार और समाज के प्रति उनकी निष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज उनके नवमी पुण्यतिथि के अवसर पर हम उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी पवित्र आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। 🙏 आपकी यादें और आपके संस्कार सदैव हमारे दिलों में जीवित रहेंगे।

संपादकीय: परीक्षा- डर नहीं, आत्मविश्वास की परीक्षा

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  संपादकीय: परीक्षा- डर नहीं, आत्मविश्वास की परीक्षा परीक्षा का समय आते ही बच्चों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई देने लगती है। किसी को सिलेबस पूरा न होने का डर सताता है, किसी को समय की कमी परेशान करती है, तो किसी पर अपेक्षाओं का बोझ भारी पड़ता है। लेकिन यह समझना आवश्यक है कि परीक्षा केवल उत्तर लिखने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह धैर्य, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास की भी परीक्षा होती है। हर बच्चा अपने-अपने तरीके से संघर्ष करता है-कोई आर्थिक तंगी से, कोई संसाधनों की कमी से, तो कोई अपने भीतर के डर से लड़ता रहता है। ऐसे समय में सबसे ज़रूरी है कि बच्चे स्वयं पर भरोसा रखें। जो पढ़ा है, वही काम आएगा-इसलिए आख़िरी दिनों में घबराकर नई किताबें उठाने के बजाय पढ़ी हुई सामग्री का शांत मन से दोहराव करें। रोज़ थोड़ा-थोड़ा पढ़ना, छोटे लक्ष्य बनाना और उन्हें पूरा करना मन को स्थिर रखता है। याद रखें, पढ़ाई में निरंतरता अक्सर बड़े परिणाम लेकर आती है। कई बच्चे ऐसे भी होते हैं जो घर की कठिन परिस्थितियों, काम के दबाव या सीमित साधनों के बीच पढ़ाई करते हैं। उनका संघर्ष अक्सर दिखाई नहीं देता, लेकिन उनकी मेहन...

सुनील वर्णवाल ने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण

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 सुनील वर्णवाल ने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण दिनांक 8 दिसंबर 2025 को जमुई के महावीर वाटिका में आयोजित  जमुई चैंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव में अध्यक्ष पद पर विजयी हुए सुनील वर्णवाल ने पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह में बिहार सरकार की माननीय मंत्री श्रेयसी सिंह, जमुई के अनुमंडल पदाधिकारी, तथा बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष उपस्थित रहे। इस अवसर पर चुनाव पदाधिकारी जयप्रकाश बरनवाल, अनिल बरनवाल, राजेश बरनवाल, दामोदर प्रसाद बरनवाल, ब्रजेश बरनवाल तथा अन्य सभी सम्मानित सदस्य और साथीगण भी मौजूद रहे। बरनवाल डायरेक्ट्री

Featured Research Presenter के रूप में चयनित होने पर डॉ अंजली बरनवाल को हार्दिक बधाई

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 #Duke_Cancer_Institute के 2025 Scientific Retreat में Featured Research Presenter के रूप में चयनित होने पर डॉ अंजली बरनवाल को हार्दिक बधाई। आपकी यह उपलब्धि पूरे बरनवाल समाज के लिए गर्व का क्षण है।  आप जैसी बेटियाँ समाज की प्रेरणा होती हैं और अन्य बेटियों में भी आगे बढ़ने का उत्साह जगाती हैं। #बरनवाल_डायरेक्ट्री परिवार आपकी सफलता पर बेहद प्रसन्न है और आपको उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देता है।

भारत के लोकतंत्र को झकझोर देने वाला एक नागरिक- अनूप बरनवाल

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 भारत के लोकतंत्र को झकझोर देने वाला एक नागरिक- अनूप बरनवाल अनूप बरनवाल का नाम मार्च 2023 में तब राष्ट्रीय चर्चा में आया, जब उनकी दाख़िल एक याचिका ने भारत के चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर देशव्यापी बहस खड़ी कर दी। यह मामला सिर्फ़ एक कानूनी तकनीकी मुद्दा नहीं था, बल्कि लोकतंत्र के उस मूल प्रश्न से जुड़ा था कि क्या चुनाव आयोग वास्तव में स्वतंत्र है, जब उसके शीर्ष पदों पर नियुक्ति करने की पूरी शक्ति कार्यपालिका के पास रहती है। उनकी याचिका ने संविधान के अनुच्छेद 324(2) में मौजूद उस खालीपन की ओर इशारा किया, जहाँ कहा तो गया था कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक कानून द्वारा तय होगी, लेकिन स्वतंत्रता के 75 वर्षों बाद भी वह कानून कभी बनाया ही नहीं गया। इस कानूनी शून्य का परिणाम यह था कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया के चुनाव आयुक्त नियुक्त कर देते थे। यही स्थिति चुनाव आयोग की निष्पक्षता के लिए सबसे बड़ा खतरा थी। अनूप बरनवाल ने एक सामान्य नागरिक होते हुए भी वह सवाल उठाया, जिसे उठाने की हिम्मत बड़े-बड़े राजनीतिक और संवैधानिक विशेषज्ञ भी नहीं दिखाते। उन्होंन...